XML क्या है? || eXtensible Markup Language

XML (eXtensible Markup Language) एक संरचित डाटा को संग्रहीत और परिवहन करने के लिए उपयोग की जाने वाली भाषा है। यह W3C (वर्ल्ड वाइड वेब कंसोर्टियम) द्वारा विकसित की गई है। XML का मुख्य उद्देश्य डाटा को एक संरचित प्रारूप में प्रस्तुत करना है ताकि विभिन्न सिस्टम और प्लेटफॉर्म के बीच डाटा का आदान-प्रदान किया जा सके।

Table of Contents

XML में टैग का उपयोग होता है, जो HTML की तरह ही होते हैं, लेकिन XML में टैग्स को यूजर द्वारा परिभाषित किया जाता है, इसलिए इसे “एक्स्टेंसिबल” कहा जाता है। प्रत्येक टैग की एक ओपनिंग और एक क्लोजिंग होती है, और इनके बीच में डाटा होता है। उदाहरण के लिए:

<person>

<name>Ram</name>

<age>30</age>

<address>Delhi</address>

</person>

एक्सएमएल प्लेटफॉर्म स्वतंत्र है, अर्थात यह किसी भी हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर पर काम कर सकता है। यह मानव और मशीन दोनों के लिए पठनीय है, जिससे यह डाटा संचार के लिए अत्यंत उपयोगी बन जाता है। XML का उपयोग वेब सेवाओं, कन्फिगरेशन फाइल्स, डेटा स्टोरेज, और विभिन्न प्रकार के डॉक्यूमेंट्स जैसे कि आरएसएस फीड्स, एसओएपी मैसेजिंग, आदि में होता है।

इसकी सादगी, लचीलापन और सार्वभौमिकता के कारण XML आधुनिक डेटा संचार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

XML का उपयोग किस लिए किया जाता है?

XML (Extensible Markup Language) का उपयोग डेटा को संरचित और संचारित करने के लिए किया जाता है। यह एक सरल और लचीली मार्कअप भाषा है जिसका मुख्य उद्देश्य डेटा को व्यवस्थित और संग्रहित करना है ताकि वह आसानी से समझा और साझा किया जा सके।

एक्सएमएल का उपयोग कई क्षेत्रों में किया जाता है, जैसे:

वेब विकास: वेब पेजों और वेब एप्लिकेशनों में डेटा को संरचित करने के लिए।

डेटा विनिमय: विभिन्न सिस्टमों और एप्लिकेशनों के बीच डेटा का आदान-प्रदान करने के लिए।

कॉन्फिगरेशन फाइल्स: एप्लिकेशनों और सॉफ़्टवेयर की सेटिंग्स को संग्रहीत करने के लिए।

डोक्युमेंटेशन: विस्तृत डोक्युमेंट्स और फाइल्स बनाने के लिए।

डेटा स्टोरेज: डेटा बेस और अन्य डेटा संग्रहण प्रणाली में डेटा को स्टोर करने के लिए।

XML की मुख्य विशेषताएं इसकी पठनीयता, लचीलापन, और स्वतंत्रता हैं, जिससे यह विभिन्न प्लेटफार्मों और भाषाओं में उपयोग के लिए आदर्श बनती है। इसका स्वरूप टैग-बेस्ड होता है, जिससे डेटा को आसानी से व्यवस्थित और खोजा जा सकता है। एक्सएमएल को कई अन्य तकनीकों के साथ मिलकर भी उपयोग किया जा सकता है, जैसे कि XSLT (XML Stylesheet Language Transformations) और XPath (XML Path Language)।

XML और HTML में क्या अंतर है?

एक्सएमएल (एक्स्टेंसिबल मार्कअप लैंग्वेज) और HTML (हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज) दोनों ही मार्कअप लैंग्वेज हैं, लेकिन उनके उपयोग और संरचना में कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं:

उद्देश्य:

  • XML का मुख्य उद्देश्य डेटा को स्टोर और ट्रांसपोर्ट करना है। इसे डेटा को संरचित तरीके से प्रस्तुत करने के लिए डिजाइन किया गया है।
  • HTML का मुख्य उद्देश्य वेब पेजों को डिस्प्ले करना है। इसे वेब पेजों की संरचना और सामग्री को निर्धारित करने के लिए डिजाइन किया गया है।

संरचना:

  • XML में टैग्स को यूजर द्वारा परिभाषित किया जा सकता है। इसमें कोई प्री-डिफाइन्ड टैग्स नहीं होते, जिससे यह अधिक फ्लेक्सिबल होता है।
  • HTML में प्री-डिफाइन्ड टैग्स होते हैं, जैसे <div>, <p>, <a>, आदि। यह वेब ब्राउजर द्वारा पहचाने और रेंडर किए जाते हैं।

सिंटैक्स:

  • XML सिंटैक्स सख्त होता है। सभी टैग्स को सही तरीके से बंद करना आवश्यक होता है, और केस सेंसिटिविटी होती है।
  • HTML सिंटैक्स उतना सख्त नहीं होता। कुछ टैग्स को बंद करना आवश्यक नहीं होता और यह केस इंसेंसिटिव होता है।

डेटा हैंडलिंग:

  • XML का उपयोग मुख्य रूप से डेटा एक्सचेंज में होता है, जैसे वेब सर्विसेज और एपीआई में।
  • HTML का उपयोग मुख्य रूप से डेटा डिस्प्ले में होता है, जैसे वेब पेज के कंटेंट को डिस्प्ले करने में।

वैलिडेशन:

  • XML में डेटा को वैलिड करने के लिए DTD (Document Type Definition) या XML Schema का उपयोग किया जाता है।
  • HTML में वैलिडेशन के लिए कोई विशेष मेकेनिज्म नहीं होता।

संक्षेप में, XML डेटा के संरचित स्टोरेज और ट्रांसफर के लिए है, जबकि HTML वेब पेजों को डिस्प्ले करने के लिए है। दोनों की अपनी विशिष्ट विशेषताएं और उपयोग क्षेत्र हैं।

एक्सएमएल की विशेषताएँ क्या हैं?

XML (एक्स्टेंसिबल मार्कअप लैंग्वेज) की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

स्वयं वर्णनात्मक: XML डेटा और उस डेटा की संरचना का वर्णन करने के लिए टैग का उपयोग करता है। इससे डेटा को समझना और प्रसंस्करण करना आसान हो जाता है।

लचीलापन: एक्सएमएल डेटा को किसी भी प्रकार की संरचना में व्यवस्थित करने की अनुमति देता है। उपयोगकर्ता अपनी आवश्यकता अनुसार टैग्स और एट्रिब्यूट्स परिभाषित कर सकते हैं।

संगतता: XML विभिन्न प्लेटफार्मों और एप्लिकेशन के बीच डेटा का आदान-प्रदान करने में सहायक होता है। यह वेब सर्विसेस में अक्सर उपयोग किया जाता है।

मानव-पाठ्य योग्य: XML फाइलें पढ़ने और समझने में आसान होती हैं क्योंकि यह स्पष्ट और सुसंगत टैग संरचना का उपयोग करती हैं।

अन्य भाषाओं के साथ एकीकरण: एक्सएमएल को अन्य मार्कअप भाषाओं जैसे HTML, SOAP, और XHTML के साथ एकीकृत किया जा सकता है।

डेटा की वैलिडेशन: एक्सएमएल डेटा की संरचना को DTD (डॉक्यूमेंट टाइप डेफिनिशन) या XML Schema का उपयोग करके वैलिडेट किया जा सकता है, जिससे डेटा की अखंडता बनी रहती है।

विस्तार योग्य: एक्सएमएल की टैग संरचना को आवश्यकता अनुसार बढ़ाया जा सकता है, जिससे यह भविष्य में होने वाले परिवर्तनों के लिए उपयुक्त रहता है।

प्रोग्रामिंग भाषा स्वतंत्रता: XML किसी भी प्रोग्रामिंग भाषा के साथ उपयोग किया जा सकता है, जिससे इसे विभिन्न सॉफ़्टवेयर और सिस्टम्स के बीच डेटा के आदान-प्रदान में उपयोगी बनाता है।

इन विशेषताओं के कारण एक्सएमएल डेटा स्टोरेज, डेटा ट्रांसमिशन, और वेब सर्विसेस में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

XML में तत्व (Element) क्या होते हैं?

XML (एक्सएमएल) में तत्व (Element) एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक इकाई होते हैं। तत्व डेटा को व्यवस्थित और संरचित तरीके से संगठित करने में मदद करते हैं। एक तत्व एक प्रारंभिक टैग (start tag), कुछ सामग्री (content) और एक समाप्ति टैग (end tag) से मिलकर बनता है। प्रारंभिक टैग < और > के बीच होता है, और समाप्ति टैग / के साथ प्रारंभ होता है, फिर तत्व का नाम और अंत में > होता है। उदाहरण के लिए:

<name>Ram</name>

इस उदाहरण में, <नाम> प्रारंभिक टैग है, राम सामग्री है, और </नाम> समाप्ति टैग है।

तत्वों के कुछ महत्वपूर्ण गुण हैं:

  1. स्ट्रक्चर: तत्व डेटा की संरचना को परिभाषित करते हैं, जिससे डेटा को एक व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
  2. नेस्टिंग (Nesting): तत्वों को अन्य तत्वों के अंदर नेस्ट किया जा सकता है, जिससे एक पेड़ जैसी संरचना बनती है। उदाहरण के लिए:
<book>

<title>Introduction to XML</title>

<author>Amit</author>

</book>
  1. एट्रिब्यूट्स (Attributes): तत्वों में अतिरिक्त जानकारी जोड़ने के लिए एट्रिब्यूट्स का उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण:
<book language="Hindi">

<title>Introduction to XML</title>

</book>

इस प्रकार, XML में तत्व डेटा को व्यवस्थित करने, संरचना प्रदान करने और अतिरिक्त जानकारी संलग्न करने का एक महत्वपूर्ण तरीका हैं।

एक्सएमएल में Attribute क्या होती है?

XML (Extensible Markup Language) में, Attributes तत्वों (elements) को अतिरिक्त जानकारी प्रदान करने का एक तरीका हैं। यह जानकारी तत्वों के टैग के भीतर ही दी जाती है। Attribute का उपयोग डेटा को और अधिक विशिष्ट या विस्तृत बनाने के लिए किया जाता है।

उदाहरण के लिए:

<book title="Ramayana" author="Valmiki" year="2020">

<!-- Element content -->

</book>

यहाँ, <पुस्तक> तत्व में तीन attributes हैं: शीर्षक, लेखक, और वर्ष। प्रत्येक attribute का नाम और मान (value) होता है।

Attributes का उपयोग निम्नलिखित कारणों से किया जाता है:

तत्वों को विशेषता देना: किसी तत्व को विशिष्ट जानकारी देने के लिए, जैसे पुस्तक का शीर्षक, लेखक का नाम, या प्रकाशन वर्ष।

डेटा को सुव्यवस्थित करना: डेटा को अधिक संरचित और पठनीय बनाना, जिससे डेटा को समझना और प्रोसेस करना आसान हो।

मेटाडेटा प्रदान करना: तत्व के बारे में अतिरिक्त जानकारी देने के लिए, जो तत्व की मुख्य सामग्री का हिस्सा नहीं है लेकिन उसके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी है।

हालाँकि, Attributes का उपयोग तब किया जाना चाहिए जब डेटा सरल और छोटा हो। यदि डेटा जटिल या बड़ा है, तो उप-तत्वों (sub-elements) का उपयोग अधिक उपयुक्त हो सकता है। एक्सएमएल में Attributes और तत्व दोनों का उपयोग संयोजन में किया जा सकता है, जिससे डेटा को प्रभावी ढंग से संगठित और प्रस्तुत किया जा सकता है।

XML में CDATA सेक्शन क्या होता है?

XML में CDATA (Character Data) सेक्शन एक विशेष टैग होता है जिसका उपयोग उस डेटा को सम्मिलित करने के लिए किया जाता है जिसे XML पार्सर द्वारा पार्स नहीं किया जाना चाहिए। CDATA सेक्शन का मुख्य उद्देश्य उस डेटा को संरक्षित रखना है जिसमें विशेष अक्षर (जैसे <, >, &, आदि) शामिल होते हैं, जो सामान्यतः एक्सएमएल में टैग या एंटिटी के रूप में पहचाने जाते हैं।

CDATA सेक्शन को निम्नलिखित तरीके से घोषित किया जाता है:

<![CDATA[
    यहाँ आपका डेटा होगा जो पार्स नहीं किया जाएगा।
]]>

CDATA सेक्शन के अंदर का कोई भी टेक्स्ट एक्सएमएल पार्सर द्वारा बिना किसी परिवर्तन के रखा जाता है। यह विशेष रूप से उपयोगी होता है जब आप एक्सएमएल डॉक्युमेंट में HTML या स्क्रिप्ट कोड जैसी सामग्री सम्मिलित करना चाहते हैं, जिसे XML संरचना का हिस्सा नहीं बनाना चाहते।

उदाहरण के लिए:

<note>
    <to>John</to>
    <from>Jane</from>
    <message><![CDATA[यहाँ पर <, >, & जैसी सामग्री रखी जा सकती है बिना किसी पार्सिंग के।]]></message>
</note>

इस उदाहरण में, <message> टैग के अंदर CDATA सेक्शन में रखा गया टेक्स्ट XML पार्सर द्वारा बिना किसी परिवर्तन के समझा जाएगा और प्रदर्शित किया जाएगा।

CDATA सेक्शन का उपयोग करते समय ध्यान देना चाहिए कि CDATA के अंदर खुद CDATA टैग का उपयोग नहीं किया जा सकता। यदि आवश्यक हो तो उसे सामान्य टेक्स्ट के रूप में ही लिखना पड़ता है।

XML DTD क्या है? इसका क्या उपयोग है?

XML DTD (XML Document Type Definition) एक विशेष प्रकार का डेटा विवरण है जो एक्सएमएल डॉक्यूमेंट की संरचना को परिभाषित करता है। यह एक XML डॉक्यूमेंट में उपलब्ध डेटा के तरीके, उसके आयाम और संरचना को स्पष्ट करने में मदद करता है।

DTD द्वारा निर्दिष्ट किए जाने वाले नियम यहाँ तक कि एक डॉक्यूमेंट में कौन-कौन से तत्व होने चाहिए, उनके आयाम, उनके संबंध, और उनके आरेखण को निर्धारित करते हैं।

उपयोगकर्ता DTD का उपयोग करके अपने XML डेटा की मान्यता और संरचना को सुनिश्चित कर सकते हैं। यह डेटा संरचना को व्यवस्थित रूप में रखने में मदद करता है, जिससे सिस्टम XML डेटा को सही ढंग से प्रोसेस कर सके।

इसके अलावा, DTD का उपयोग डेटा की संरचना में परिवर्तन करने के लिए भी किया जा सकता है। अगर आवश्यकता होती है, तो DTD को संशोधित किया जा सकता है ताकि नए डेटा के साथ संगत हो।

XML Schema क्या है?

XML Schema (XML औजार संरचना) एक मानक है जो एक्सएमएल डेटा को परिभाषित करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह एक विस्तृत और संरचित तरीके से डेटा की वैधता, गुणवत्ता और संरचना को परिभाषित करने का एक तरीका है। XML Schema फ़ाइलों में डेटा प्रारूपों, उनके संबंधों, और डेटा वैधता नियमों को परिभाषित करता है। यह डेटा मॉडलिंग और डेटा एकीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण औजार है, खासकर जब बड़े मात्रा में डेटा को संरचित करना और वैध करना आवश्यक हो।

एक्सएमएल Schema एक संदर्भ मॉडल (reference model) पर आधारित है, जो XML डेटा को विवरणीय तरीके से प्रकट करता है। यह एक्सएमएल डेटा संरचना, डेटा प्रकार, संदर्भ, और वैधता के लिए निर्दिष्ट नियमों का आधार प्रदान करता है। इसका उपयोग एक्सएमएल डेटा के लिए वैधता की जांच करने और अनुग्रहीत एप्लिकेशनों के लिए स्वचालित प्रक्रियाओं को प्रदान करने में किया जाता है। इसके अलावा, यह अनुरोधित एक्सएमएल डेटा की वैधता को सुनिश्चित करने में मदद करता है, जिससे डेटा एकीकृत रूप से प्रदर्शित होता है और उसे अधिक सुलभता के साथ प्रोसेस किया जा सकता है।

XML Namespaces क्या होते हैं? इनका क्या उपयोग है?

XML नामस्थान (XML namespaces) एक तरह का टैग होता है जो XML डॉक्यूमेंट में एकता और व्यवस्था बनाने में मदद करता है। जब हम एक्सएमएल डॉक्यूमेंट बनाते हैं, तो हम विभिन्न स्थानों से डेटा और इनफॉर्मेशन को शामिल कर सकते हैं। एक्सएमएल नामस्थान यह सुनिश्चित करता है कि डेटा का एकत्रित किया जा सके और इसे सही ढंग से संरचित किया जा सके।

एक XML डॉक्यूमेंट में, विभिन्न नामस्थानों को उपयोग करके विभिन्न प्रकार के डेटा को अलग-अलग संरचित किया जा सकता है। यह नामस्थानों को एक विशिष्ट और अद्वितीय पहचान देता है, जिससे कॉन्फ्यूजन और लचरता कम होती है।

उदाहरण के लिए, एक XML डॉक्यूमेंट में “गाड़ी” और “निर्माता” नामस्थान हो सकते हैं, जो गाड़ी की विशेषताओं और निर्माता की जानकारी को संरचित करने में मदद करेंगे।

सार्वजनिक नामस्थानों का उपयोग करने से, विभिन्न स्रोतों से आए डेटा को संगठित रूप में इंटीग्रेट किया जा सकता है, जिससे सुविधा, पुनर्वास्तविता और प्रभावी डेटा प्रबंधन होता है।

XML में प्रोलॉग (Prolog) क्या होता है?

XML में प्रोलॉग (Prolog) एक विशेष शैली का हिस्सा है जो एक्सएमएल दस्तावेज़ के शुरुआत में होता है। यह एक साधारण टैग होता है जो XML डॉक्यूमेंट की तथ्यवादी (metadata) जानकारी प्रदान करता है।

प्रोलॉग में कई विशेषताएँ हो सकती हैं, जिसमें संस्कृतियों, भाषा, एक्सएमएल संस्करण और एन्कोडिंग जैसी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल हो सकती है। इसे डॉक्यूमेंट के सही प्रस्ताव की पहचान के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है।

इसका उपयोग डॉक्यूमेंट की विशिष्ट विशेषताओं को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है, जैसे कि एक्सटेंशन, जो किसी डॉक्यूमेंट के धाराप्रवाह (stream) को इंटरप्रिट करने के लिए आवश्यक हो सकता है।

प्रोलॉग एक विशेष रूप से एक्सटेंशन्स के लिए प्रयोग किया जाता है, जो कि डॉक्यूमेंट के अन्य संगठन और प्रस्तुतियों को प्रभावित करता है। यह उपयोगकर्ता को बताता है कि वे कैसे डॉक्यूमेंट को पढ़ना चाहिए और उसका उपयोग करना चाहिए।

XML में एन्कोडिंग (Encoding) कैसे निर्दिष्ट की जाती है?

एक्सएमएल में एन्कोडिंग का उपयोग टेक्स्ट डेटा को बाइनरी फॉर्म में अनुप्रयोग करने के लिए किया जाता है, ताकि अलग-अलग भाषाओं के वर्ण और विशेष चिन्हों का प्रतिनिधित्व किया जा सके। एक्सएमएल में एन्कोडिंग को निर्दिष्ट करने के लिए, शुरू करने वाले टैग में encoding विशेष एट्रिब्यूट का उपयोग किया जाता है। यह एट्रिब्यूट दिशा निर्देशित करता है कि टेक्स्ट डेटा कैसे इंकोड किया गया है।

विभिन्न एन्कोडिंग प्रकारों में UTF-8 और UTF-16 सबसे आम हैं। UTF-8 बहुत सामान्य रूप से प्रयुक्त होता है, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय वर्णों को समर्थित करता है और साथ ही यह अधिकांश संबंधित टेक्स्टों को समर्थित करता है।

उदाहरण के लिए, यदि एक XML दस्तावेज़ UTF-8 में एन्कोड किया गया है, तो उसका शुरुआती टैग इस प्रकार होगा:

<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>

यहाँ, encoding एट्रिब्यूट के माध्यम से एन्कोडिंग प्रकार (यहाँ UTF-8) निर्दिष्ट किया गया है। इसके बाद, XML प्रोसेसर यह समझ सकता है कि उसको किस प्रकार का टेक्स्ट डेटा संदेश दिया जा रहा है।

एक्सएमएल के फायदे और नुकसान क्या हैं?

XML (Extensible Markup Language) एक टेक्नोलॉजी है जो संरचित डेटा को संग्रहित करने और प्रस्तुत करने के लिए उपयोग की जाती है। इसके कई फायदे हैं, जैसे कि डेटा को संरचित रूप में रखना, इसे अन्य एप्लिकेशनों के साथ साझा करना, डेटा की अद्वितीयता को बनाए रखना, और डेटा को मशीनों के लिए समझने में मदद करना।

एक्सएमएल का उपयोग डेटा एक्सचेंज फॉर्मेट के रूप में होता है, जिससे डेटा को अन्य फॉर्मेटों में आसानी से बदला जा सकता है। यह वेब डेवलपमेंट में उपयोगी होता है, जब डेटा को सर्वर और क्लाइंट के बीच ट्रांसफर किया जाता है।

हालांकि, XML के कुछ नुकसान भी हैं। इसका उपयोग डेटा को संग्रहित करने के लिए बहुत अधिक टैग और संरचना की आवश्यकता होती है, जिससे डेटा फ़ाइलों का आकार बढ़ जाता है। इसके साथ ही, एक्सएमएल डेटा को पार्स करना और प्रोसेस करना भी थोड़ा अधिक समय लेता है, जिससे प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है।

समग्र रूप में, XML एक उपयोगी टेक्नोलॉजी है जो डेटा को संरचित रूप में संग्रहित करने और साझा करने में मदद करती है, लेकिन इसके कुछ प्रतिबंध भी हैं जिन्हें ध्यान में रखना जरूरी है।

XML में कमेंट्स (Comments) कैसे लिखे जाते हैं?

XML में कमेंट्स लिखने का तरीका बहुत ही सरल है। कमेंट्स का उपयोग कोड को समझने और डॉक्यूमेंटेशन करने के लिए किया जाता है। ये कमेंट्स कोड में न दिखते हैं और केवल डॉक्यूमेंटेशन के लिए होते हैं।

कमेंट्स लिखने के लिए आपको कोड के बाहर “” के बीच में लिखना होता है। इसका एक उदाहरण निम्नलिखित है:

<!-- यहाँ टैग के बारे में कोई भी विस्तार से जानकारी लिख सकते हैं -->
<नमूना>
   <उप-नमूना>सैम्पल डेटा</उप-नमूना>
</नमूना>

यह उदाहरण दिखाता है कि कैसे “” टैग के बीच कोड का विवरण या टिप्पणी के रूप में उपयोग किया जाता है। इसके बाद, XML पार्सर को कमेंट्स कोड को नजरअंदाज करना होता है, जिससे वे प्रस्तुत कोड के काम को प्रभावित नहीं करें।

XSLT क्या है? इसका उपयोग किस लिए किया जाता है?

XSLT (Extensible Stylesheet Language Transformations) एक वेब प्रौद्योगिकी है जो एक्सएमएल डेटा को परिवर्तित करने के लिए उपयोग की जाती है। यह XML डेटा को अन्य फॉर्मेटों में परिवर्तित करने और प्रस्तुत करने की क्षमता प्रदान करता है, जैसे कि HTML, XHTML, और अन्य। XSLT एक एकल और शक्तिशाली भाषा है जिसका उपयोग डेटा के रूप, संरचना, और विषय को बदलने के लिए किया जाता है।

XSLT का मुख्य उद्देश्य एक XML दस्तावेज को एक अन्य फॉर्मेट में रूपांतरित करना है, जिसमें जानकारी को सुगमता से प्रस्तुत किया जा सके। उदाहरण के लिए, यदि आपके पास एक XML फ़ाइल है जिसमें डेटा होता है और आप इसे एक वेब पृष्ठ के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं, तो आप XSLT का उपयोग करके इसे HTML में रूपांतरित कर सकते हैं।

सम्पूर्णत: XSLT XML डेटा को अन्य फॉर्मेटों में रूपांतरित करने के लिए उपयोग की जाती है और यह डेटा को सुगमता से प्रस्तुत करने में मदद करती है।

XML को पार्स (Parse) करने का क्या मतलब है?

XML को पार्स करना एक प्रक्रिया है जिसमें XML दस्तावेज़ को विशेष संरचना या मानक के अनुसार विश्लेषित किया जाता है ताकि कंप्यूटर प्रोग्राम या सॉफ़्टवेयर इसे समझ सकें और उसमें से डेटा को उपयोग कर सकें। एक्सएमएल पार्सिंग का मतलब है कि एक कंप्यूटर प्रोग्राम XML डेटा को स्थानांतरित करने या समझने के लिए उसका विश्लेषण करता है।

जब आप XML को पार्स करते हैं, तो आप इसे विभिन्न तत्वों या टैगों में विभाजित करते हैं, और उन टैगों के अंतर्गत संदेशों या डेटा को पढ़ते या प्रोसेस करते हैं। XML पार्सिंग का उदाहरण हैं किसी वेब पृष्ठ के HTML संरचना को पढ़ना और उससे संबंधित डेटा निकालना, जैसे कि टेबल, लिस्ट, पैराग्राफ, इत्यादि।

यह प्रक्रिया डेटा को संरचित रूप में प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण होती है, जिससे कि कंप्यूटर प्रोग्राम स्वचालित रूप से डेटा को समझ सकें और उसका उपयोग कर सकें।

XML DOM (Document Object Model) क्या है?

XML DOM (Document Object Model) एक प्रोग्रामिंग इंटरफेस है जो XML डॉक्यूमेंट को प्रोग्रामेटिक रूप से एक्सेस और मॉडिफाई करने की सुविधा प्रदान करता है। यह डॉक्यूमेंट को एक ही प्रोग्रामिंग भाषा में प्रस्तुत करता है, जैसे कि JavaScript या Python, ताकि डेवलपर उसे संपादित कर सकें और डेटा को पढ़ सकें।

एक्सएमएल DOM के माध्यम से, आप एक XML डॉक्यूमेंट की संरचना, उसके तत्वों और उनके गुणों को प्राप्त, परिवर्तित और अपडेट कर सकते हैं। यह एक ही प्रोग्रामिंग इंटरफेस का उपयोग करके सभी XML डॉक्यूमेंट के रूप, संरचना, और सामग्री को एक संदर्भ में प्राप्त करता है। XML DOM में प्रमुख विशेषताएँ शामिल हैं जैसे कि ट्री का निर्माण, नेविगेशन, डेटा की प्राप्ति, परिवर्तन और उन्हें संशोधित करने की क्षमता। DOM प्रोग्रामिंग भाषाओं के साथ बहुत सहज है जिससे एक्सएमएल डॉक्यूमेंट को प्रोग्रामिंग रूप से प्रबंधित किया जा सकता है।

XML में XPath क्या है?

XML (Extensible Markup Language) में XPath (XML Path Language) एक प्रमुख और प्रभावी उपकरण है जो एक्सएमएल दस्तावेजों में डेटा को खोजने और प्रकारित करने के लिए उपयोग किया जाता है। XPath एक स्टैंडर्ड प्रकार है जो XML डेटा के निर्दिष्ट भागों को संदर्भित करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

XPath में, पथ के माध्यम से डॉम (Document Object Model) के तत्वों को निर्दिष्ट किया जाता है। यह एक स्ट्रिंग नोटेशन का उपयोग करता है जो एक डॉम में विभिन्न संदर्भों को निर्दिष्ट करता है। XPath प्रमुखतः XML डेटा को ट्रावर्स करने, संदर्भित करने, और प्रकारित करने के लिए उपयोग किया जाता है।

उपयोगकर्ता XPath के माध्यम से एक्सएमएल डॉक्यूमेंट के अंशों को खोज सकते हैं, जैसे कि एलिमेंट्स, अभिविन्यास, और डेटा। XPath एक साधारण, पारंपरिक तरीके से उपयोग होता है और XML दस्तावेज़ को एक प्रोग्राम या सिस्टम के लिए एक्सेस करने के लिए उपयोग किया जाता है।

एक्सएमएल का उपयोग किस प्रकार के एप्लिकेशन में किया जाता है?

XML (एक्सटेंसिबल मार्कअप लैंग्वेज) का उपयोग विभिन्न प्रकार के एप्लिकेशन में किया जाता है, जो डेटा को संरचित और इंटरओपरेबल बनाने में मदद करता है।

वेब एप्लिकेशन: XML वेब एप्लिकेशन में डेटा को एक्सचेंज करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह डेटा अन्य एप्लिकेशनों या सिस्टमों के साथ संचार को सुगम बनाता है।

डेटा इंटरचेंज: विभिन्न सिस्टमों के बीच डेटा को स्थानांतरित करने के लिए एक्सएमएल उपयोग किया जाता है, जिससे सिस्टमों के बीच संचार सुगम होता है।

डेटा भंडारण: XML डेटा को संग्रहीत करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह स्ट्रक्चर्ड डेटा को हीरार्की में संग्रहीत करने में मदद करता है और इसे आसानी से एक्सेस किया जा सकता है।

कॉन्फ़िगरेशन फाइल्स: XML आमतौर पर कॉन्फ़िगरेशन फाइल्स के रूप में उपयोग किया जाता है, जैसे कि डेटाबेस कॉन्फ़िगरेशन, वेब सर्वर सेटिंग्स आदि।

मेटा-डेटा: XML आमतौर पर दस्तावेज़ की संरचना को परिभाषित करने के लिए भी उपयोग किया जाता है, जैसे कि एक संदर्भ का विवरण।

सार्वजनिक स्तर पर, XML डेटा को संरचित करने और साझा करने का एक मानक है, जिसका उपयोग विभिन्न संगठनों और अनुप्रयोगों में किया जा सकता है।

हमे उम्मीद है की आपको यहाँ दी गई जानकारी अच्छी लगी होगी। अगर आप ऐसी ही जानकारी हिन्दी मे पढ़ना चाहते है तो आप हमे फॉलो जरूर कर ले।

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